21 अगस्त 2019 - 13:29
इराक़ की मोस्ट वांटेड लिस्ट में टॉप पर क्यों है सद्दाम की बेटी? प्रत्यर्पण के लिए जॉर्डन पर दबाव

बुधवार को सऊदी अख़बार ओकाज़ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इराक़ी संसद, सद्दाम हुसैन की बेटी के जॉर्डन से प्रत्यर्पण के लिए दबाव बना रही है।

अख़बार को इराक़ी सूत्रों ने बताया है कि इराक़ी संसद देश के पूर्व तानाशाह सद्दाम की बेटी को जॉर्डन से प्रत्यर्पण के लिए प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल मेहदी पर दबाव बना रही है।

संसद में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों का कहना है कि बग़दाद सरकार को सद्दाम की बेटी रग़द और इराक़ से भाग कर जॉर्डन में शरण लेने वाले सहयोगियों को देश में वापस लाना चाहिए ताकि उन्हें उनके अपराधों की सज़ा मिल सके।

इराक़ की सरकार का आरोप है कि जॉर्डन में शरण लेने वाली सद्दाम की चहीती बेटी और सद्दाम के दूसरे सहयोगी देश के ख़िलाफ़ साज़िशें रच रहे हैं और आतंकवादी गुटों का वित्त पोषण कर रहे हैं।

हालांकि जॉर्डन ने इराक़ियों की इस मांग के सामने झुकने से इनकार कर दिया है।

ओकाज़ के मुताबिक़, अम्मान के लिए यह संभव नहीं है कि वह जॉर्डन में रह रहे क़रीब 5 लाख इराक़ियों को बग़दाद के हवाले कर दे, इसलिए वह किसी भी दबाव के सामने घुटने नहीं टेकेगा।

ग़ौरतलब है कि रग़द सद्दाम बग़दाद सरकार की मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में टॉप पर हैं।

वर्ष 2018 में इराक़ ने दाइश, अल-क़ायदा और अन्य आतंकवादी गुटों से संबंध रखने या आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की एक सूचि जारी की थी।

60 आरोपियों की इस सूचि में रग़द सद्दाम का नाम टॉप पर था।

इस सूचि में सद्दाम के फ़िदायीन कमांडोज़ के पूर्व अधिकारी फ़वाज़ मुतलक़ का नाम भी शामिल था, जो बाद में दाइश का सदस्य बन गया।

सद्दाम की दो बेटियों 51 वर्षीय रग़द और राना की शादी हथियारों के दो बड़े तस्कर सगे भाईयों से हुई थी, मतभेदों के चलते सद्दाम ने अपने दोनों दामादों की हत्या कर दी थी।